लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
श्रवण हानि एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो व्यक्ति की संवाद करने की क्षमता को धीरे-धीरे प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में श्रवण हानि की दर 4.5 प्रतिशत से 18.3 प्रतिशत के बीच पाई जाती है, जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक हो सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि सुनने की क्षमता में कमी केवल शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालती है। इससे व्यक्ति बातचीत से दूरी बनाने लगता है और कई बार अकेलापन तथा अवसाद जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
श्रवण हानि के प्रमुख कारणों में उम्र बढ़ना, लंबे समय तक तेज आवाज के संपर्क में रहना, संक्रमण और आनुवंशिक कारण शामिल हैं। समय पर पहचान और उपचार से इस समस्या के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने नियमित श्रवण जांच, सुरक्षित ध्वनि स्तर का पालन और आवश्यक होने पर हियरिंग एड के उपयोग की सलाह दी है।