लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
वजन घटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जीएलपी-1 (GLP-1) आधारित इंजेक्शन इन दिनों काफी चर्चा में हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि गैर-मोटे (नॉन-ओबीज़) डायबिटीज मरीजों को इनका उपयोग केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
डॉ. अनूप मिश्रा के अनुसार, ये इंजेक्शन शरीर में भूख कम करने, पेट को देर तक भरा हुआ महसूस कराने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। कुछ मामलों में इससे हृदय संबंधी जोखिम भी कम हो सकते हैं।
हालांकि, जिन डायबिटीज मरीजों का वजन सामान्य है, उनमें इन इंजेक्शनों के उपयोग से जरूरत से ज्यादा वजन कम होने, मांसपेशियों में कमी, कमजोरी, पोषण की कमी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं जैसे मतली, उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर डायबिटीज मरीज के लिए यह उपचार उपयुक्त नहीं होता। मरीज की उम्र, वजन, ब्लड शुगर, अन्य बीमारियों और दवाओं को ध्यान में रखकर ही इसका फैसला किया जाना चाहिए।
डॉक्टरों की सलाह है कि वेट लॉस इंजेक्शन को फैशन या ट्रेंड के तौर पर नहीं अपनाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में सुधार आज भी डायबिटीज नियंत्रण और स्वस्थ वजन बनाए रखने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।