लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
एक नए शोध में सामने आया है कि प्राकृतिक या औद्योगिक आपदाओं का असर केवल प्रभावित महिलाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। यह अध्ययन अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर (UNMC) के शोधकर्ताओं ने किया है और इसे 17 जून को वैज्ञानिक जर्नल PLOS One में प्रकाशित किया गया।
अध्ययन का नेतृत्व डॉ. एरियन रंग (Ariane Rung) ने किया। शोध के अनुसार, जब किसी बड़ी आपदा के बाद माताओं को आर्थिक नुकसान, सामाजिक समर्थन में कमी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है, तो इसका अप्रत्यक्ष असर उनके बच्चों की मानसिक सेहत पर भी पड़ता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि 2010 में ब्रिटिश पेट्रोलियम (BP) डीपवॉटर होराइजन तेल रिग विस्फोट और तेल रिसाव के बाद लुइसियाना में किए गए पहले के अध्ययनों में भी पाया गया था कि अधिक प्रभावित महिलाओं में अवसाद, मानसिक तनाव और घरेलू संघर्ष की संभावना बढ़ गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपदा के बाद राहत कार्यों में केवल भौतिक नुकसान की भरपाई ही नहीं, बल्कि माताओं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है। उनका मानना है कि समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता और सामाजिक सहयोग से परिवारों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक मानसिक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।