लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
राजस्थान के बीकानेर की पारंपरिक गेहूं-दाल खिचड़ी अपने अनोखे स्वाद और पौष्टिकता के लिए जानी जाती है। यह साधारण चावल की खिचड़ी से अलग होती है और इसमें साबुत गेहूं तथा दालों का उपयोग किया जाता है।
इस व्यंजन को बनाने के लिए गेहूं और दाल को भिगोकर मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। घी, जीरा, हींग और अन्य पारंपरिक मसालों का तड़का इसके स्वाद को और बढ़ा देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह खिचड़ी प्रोटीन, फाइबर और ऊर्जा का अच्छा स्रोत मानी जाती है। गर्मियों और सर्दियों दोनों मौसम में इसे दही, छाछ या अचार के साथ परोसा जा सकता है।
घर पर आसानी से बनने वाली यह पारंपरिक डिश स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी बेहतरीन विकल्प है, जिसे एक बार खाने के बाद लोग इसकी रेसिपी जरूर पूछते हैं।