लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
दुनियाभर में एंटी-एजिंग तकनीकों और लंबी उम्र के लिए चर्चित अमेरिकी उद्यमी ब्रायन जॉनसन ने खुलासा किया है कि वह ऑटोइम्यून गैस्ट्राइटिस (Autoimmune Gastritis) नामक एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि उनका "पेट खुद को ही खा रहा है।" उन्होंने बताया कि वर्षों से आयरन की कमी के पीछे इसी बीमारी का कारण छिपा था, जिसकी पुष्टि कई मेडिकल जांचों और बायोप्सी के बाद हुई।
ऑटोइम्यून गैस्ट्राइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गलती से पेट की अंदरूनी परत और एसिड बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करने लगती है। इससे पेट में एसिड का उत्पादन कम हो जाता है और शरीर के लिए विटामिन B12 तथा आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों का अवशोषण कठिन हो जाता है।
इस बीमारी के शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। कई मरीजों में लंबे समय तक थकान, पेट में असहजता, मतली, आयरन की कमी, एनीमिया और विटामिन B12 की कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि समय पर इलाज न हो तो तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं और पेट के कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन सही समय पर पहचान होने पर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उपचार में विटामिन B12 की पूर्ति, आयरन की निगरानी, नियमित एंडोस्कोपी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं शामिल हो सकती हैं। जिन लोगों को अन्य ऑटोइम्यून बीमारियां, जैसे थायरॉयड रोग या टाइप-1 डायबिटीज है, उनमें इसका जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है।
ब्रायन जॉनसन ने कहा कि वह इस बीमारी को समझने और बेहतर इलाज खोजने के लिए शोध जारी रखेंगे। उनका मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि नियमित स्वास्थ्य जांच और लगातार बनी रहने वाली आयरन या विटामिन की कमी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके पीछे कोई गंभीर बीमारी भी हो सकती है।