लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिकी सेना की मध्य कमान United States Central Command (सेंटकॉम) ने रविवार को घोषणा की कि वह ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी के लिए तैयार है। यह कार्रवाई 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे (पूर्वी समय) से लागू की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह निर्णय Donald Trump के निर्देश पर लिया गया है, जिसके तहत ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकाबंदी लागू होगी। यह प्रतिबंध सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।
हालांकि, सेंटकॉम ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले उन जहाजों की आवाजाही बाधित नहीं की जाएगी, जो गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य नागरिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, बशर्ते वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें। लेकिन किसी भी सैन्य जहाज की मौजूदगी को युद्ध विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, ट्रंप ने दावा किया कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य में माइंसवीपर्स भेजेंगे। हालांकि, ब्रिटेन ने इस दावे से दूरी बनाते हुए कहा है कि वह किसी भी अमेरिकी सैन्य योजना में शामिल नहीं होगा। ब्रिटेन ने नेविगेशन की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए इस क्षेत्र को खुला रखने पर जोर दिया है।