लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Siddaramaiah मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और उनकी जगह D. K. Shivakumar को जिम्मेदारी मिल सकती है।
इसी बीच बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर राज्यपाल राज्य में मौजूद नहीं हैं तो क्या मुख्यमंत्री इस्तीफा दे सकते हैं? संवैधानिक विशेषज्ञों के मुताबिक इसका जवाब “हां” है। भारत के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि इस्तीफा केवल गवर्नर के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ही दिया जाए।
संविधान के तहत मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा राज्यपाल को संबोधित करते हैं। सामान्य तौर पर यह पत्र सीधे राजभवन में सौंपा जाता है, लेकिन अगर गवर्नर बाहर हों तो भी कई विकल्प मौजूद रहते हैं।
क्या-क्या विकल्प हैं?
- मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा लिखित रूप में राजभवन भेज सकते हैं।
- ईमेल, फैक्स या अधिकृत अधिकारी के जरिए भी इस्तीफा पहुंचाया जा सकता है।
- गवर्नर किसी अन्य स्थान पर रहते हुए भी इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं।
- कई मामलों में इस्तीफा स्वीकार होने तक मुख्यमंत्री कार्यवाहक (caretaker CM) के रूप में काम जारी रखते हैं।
संवैधानिक परंपरा यह कहती है कि जब तक नया मुख्यमंत्री शपथ नहीं ले लेता, तब तक मौजूदा मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं ताकि प्रशासनिक शून्य न बने।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने गवर्नर से मुलाकात का समय भी मांगा है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी तक मुख्यमंत्री बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि नेतृत्व परिवर्तन पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
अगर सिद्धारमैया इस्तीफा देते हैं तो आगे की प्रक्रिया में कांग्रेस विधायक दल की बैठक, नए नेता का चयन और फिर राज्यपाल द्वारा नई सरकार बनाने का निमंत्रण शामिल होगा। उसके बाद नए मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करना पड़ सकता है।
कर्नाटक की राजनीति में यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि कांग्रेस के अंदर शक्ति संतुलन और भविष्य की रणनीति से भी जुड़ा माना जा रहा है।