लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
West Bengal के चर्चित RG Kar Medical College मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अभियोजन की मंजूरी दे दी है।
यह फैसला जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में फंड के इस्तेमाल, वित्तीय लेनदेन और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे दस्तावेज और लेनदेन मिले हैं जिनके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। BJP नेता Suvendu Adhikari लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और उन्होंने कार्रवाई का स्वागत किया है। वहीं विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
RG Kar Medical College पिछले कुछ समय से विवादों और जांचों के कारण सुर्खियों में रहा है। इस केस ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए थे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में अभियोजन मंजूरी एक अहम प्रक्रिया होती है, क्योंकि इसके बाद एजेंसियों को अदालत में आरोपों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो जाता है।
फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।