लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Kushinagar में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर चल रहे कथित बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। STF और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 453 नेपाली नागरिकों को मुक्त कराया, जिन्हें कथित तौर पर नौकरी और मोटी कमाई का झांसा देकर यहां लाया गया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक पीड़ितों को बताया गया था कि नेटवर्क मार्केटिंग से वे बहुत कम समय में लाखों रुपये कमा सकते हैं। इसी लालच में कई लोग नेपाल से भारत पहुंचे थे। आरोप है कि यहां आने के बाद उन्हें सीमित स्वतंत्रता के साथ अलग-अलग ठिकानों पर रखा गया और लगातार नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक मिले। प्रारंभिक पूछताछ में कई लोगों ने दावा किया कि उनसे निवेश कराने और दूसरों को जोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बाहर जाने की पूरी स्वतंत्रता नहीं थी।
STF को इस नेटवर्क के बारे में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके बाद कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने मौके से दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की है, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था, कितने समय से यह गतिविधि चल रही थी और इसमें कितने लोगों की भूमिका थी। मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
प्रशासन ने मुक्त कराए गए नेपाली नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यक सहायता की व्यवस्था की है। साथ ही नेपाल के संबंधित अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में धोखाधड़ी, अवैध बंधक बनाना या मानव तस्करी जैसे आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।