लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Jaunpur में शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली। सुबह जहां तेज धूप खिली हुई थी, वहीं दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और जिले के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई।
धूल भरी आंधी के कारण कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा। लोग सड़कों के किनारे रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करते नजर आए। इस बदलाव से आमजन को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अचानक आई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव का असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश तेज होती है या ओलावृष्टि होती है, तो खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, चना और अरहर की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक Suresh Kannaujia ने किसानों को चेताया है कि ऐसे मौसम में फाइटॉफ्थोरा जैसे फफूंद जनित रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
साथ ही खलिहानों में रखी फसलें भी सुरक्षित नहीं हैं। सरसों, मटर, अगेती चना और मसूर जैसी फसलें खुले में रखी गई हैं, जिनके भीगने से गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।
बरसठी और नेवढ़िया क्षेत्र के किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।