गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत देशभर में एसएलआरएम (SLRM) सेंटर्स को मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर्स में अपग्रेड किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सूखे कचरे का बेहतर प्रबंधन, पृथक्करण और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है। साथ ही इन केंद्रों में काम करने वाली महिलाओं की आय बढ़ाने और शहर को स्वच्छ बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसी योजना के तहत जगदलपुर नगर पालिक निगम ने SLRM सेंटर्स को MRF सेंटर में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नई मशीनें लगाई जाएंगी और पुरानी मशीनों का मेंटनेंस कर उनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
सालों बाद शुरू हो रहे इस बड़े काम का सीधा लाभ नगर निगम के साथ-साथ सेंटर में काम करने वाली 300 से अधिक महिलाओं को मिलेगा। इससे शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं को रोजगार व आय के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार शहर से प्रतिदिन लगभग 10 टन कचरा निकलता है, जिसमें 6 टन सूखा और 4 टन गीला कचरा शामिल होता है। वर्तमान में सूखे कचरे को कई जगहों पर खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरण दूषित होता है।
MRF सेंटर शुरू होने के बाद सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण और रिसाइक्लिंग की जाएगी, जिससे शहरवासियों को इस समस्या से राहत मिलेगी और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में मदद मिलेगी।
नगर निगम के स्वच्छता विभाग के सभापति लक्ष्मण झा ने बताया कि इस योजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर काम किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि MRF सेंटर के लिए नई जगह का चयन नहीं किया गया है, बल्कि मौजूदा SLRM सेंटर्स को ही विकसित किया जाएगा। यहां मशीनों और मैनुअल दोनों तरीकों से काम किया जाएगा।
हर सेंटर पर इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन लगाई जाएगी, जिससे यह रिकॉर्ड रखा जा सके कि कितनी मात्रा में कचरा आया और सेग्रीगेशन के बाद कितना कचरा बाहर भेजा गया। इसके अलावा पुरानी और नई बेलर, फटका, कंप्रेसर और अन्य जरूरी मशीनें भी लगाई जाएंगी।
इससे न केवल कचरा प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि सेंटर में काम करने वाली महिलाओं के कार्य को भी अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकेगा।