गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का असर अब वैश्विक तेल सप्लाई पर साफ दिख रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नाकेबंदी जैसी स्थिति के कारण समुद्री तेल परिवहन लगभग ठप हो गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट से निपटने के लिए ईरान अब तेल निर्यात के वैकल्पिक रास्ते तलाश रहा है। इनमें सबसे अहम विकल्प रेलवे के जरिए चीन तक तेल पहुंचाने का है।
दरअसल, हॉर्मुज़ दुनिया का सबसे अहम तेल रूट है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल गुजरता है। लेकिन मौजूदा हालात में जहाजों की आवाजाही बेहद कम हो गई है और कई टैंकर रास्ते में फंसे हुए हैं।
इसी वजह से ईरान अपने सबसे बड़े खरीदार China को तेल सप्लाई बनाए रखने के लिए लैंड रूट यानी रेल नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बना रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि रेलवे के जरिए तेल भेजना समुद्री रास्ते जितना आसान या सस्ता नहीं है, लेकिन मौजूदा संकट में यह एक अहम बैकअप विकल्प बन सकता है।
इस बीच, अमेरिका की ओर से की गई नाकेबंदी और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
कुल मिलाकर, हॉर्मुज़ संकट ने साफ कर दिया है कि दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था कितनी संवेदनशील है—और अब देश वैकल्पिक रास्तों पर तेजी से काम कर रहे हैं।