नई दिल्ली: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 11 सितंबर को जारी आंकड़ों में बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार पिछले सप्ताह के $740.8 अरब से बढ़कर करीब $746.7 अरब हो गया।
भंडार में इस तेज वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से रियायती फॉरेक्स स्वैप कार्यक्रमों और गैर-निवासी भारतीयों (NRI) के लिए विशेष जमा योजनाओं से हुई मजबूत विदेशी मुद्रा आवक को माना जा रहा है। जून से इन पहलों के जरिए अब तक $136 अरब से अधिक की विदेशी मुद्रा भारत में आई है।
RBI के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में भी उल्लेखनीय उछाल आया और यह $47.5 अरब बढ़कर $648.17 अरब हो गईं। इससे भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिली है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पहले रुपये पर दबाव और वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक एवं भू-राजनीतिक तनाव के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखी गई थी। मौजूदा वृद्धि से भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से RBI को रुपये में तेज उतार-चढ़ाव से निपटने और वैश्विक आर्थिक झटकों के दौरान बाहरी भुगतान जरूरतों को संभालने में मदद मिलती है। इससे भारत की आर्थिक लचीलापन और वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के खिलाफ सुरक्षा कवच भी मजबूत होता है।