लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की सख्ती एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिका में द्विदलीय समर्थन वाले एक नए प्रतिबंध विधेयक को आगे बढ़ाने पर सहमति बनने के बाद भारत सहित उन देशों पर 500% तक टैरिफ लगाए जाने की आशंका फिर चर्चा में आ गई है, जो रूसी ऊर्जा का आयात जारी रखे हुए हैं।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। इसके तहत ऐसे देशों के निर्यात पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है जो रूस से तेल, प्राकृतिक गैस या अन्य ऊर्जा उत्पादों की खरीद जारी रखते हैं। भारत, चीन और ब्राज़ील जैसे बड़े खरीदार इस चर्चा के केंद्र में हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 500% टैरिफ अभी लागू नहीं हुआ है। यह एक प्रस्तावित अमेरिकी विधायी कदम है, जिसे लागू होने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरियों से गुजरना होगा। अंतिम स्वरूप और इसका वास्तविक प्रभाव आगे की राजनीतिक और विधायी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
भारत लगातार यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है। सरकार का रुख रहा है कि देश अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्रोतों से किफायती ऊर्जा खरीदता रहेगा। वहीं, अमेरिका और भारत के बीच व्यापार एवं रणनीतिक संबंधों को देखते हुए इस मुद्दे पर आगे भी कूटनीतिक बातचीत की संभावना बनी हुई है।