लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
अयोध्या के राम मंदिर दान प्रकरण की जांच के दौरान पूर्व ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा से विशेष जांच दल (SIT) ने पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, अनिल मिश्रा ने पूछताछ में कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और कथित गड़बड़ी के लिए टिन्नू यादव को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि निगरानी व्यवस्था में चूक जरूर हुई थी।
जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन, कर्मचारियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था की खामियों की पड़ताल कर रही हैं। मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अनिल मिश्रा ने चोरी में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो वह निगरानी में कमी के कारण हुई, न कि उनकी जानकारी या निर्देश पर। जांच एजेंसियां उनके बयान का अन्य साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों से मिलान कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की व्यापक जांच के लिए एसआईटी का कार्यकाल बढ़ा दिया है। जांच टीम वित्तीय लेनदेन, कर्मचारियों की नियुक्तियों और दान प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।