लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
भारतीय रेलवे ने 10 जुलाई 2026 को ₹381 करोड़ की लागत वाली दो महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे सुरक्षा को मजबूत करना और इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता बढ़ाना है।
पहली परियोजना के तहत ₹206 करोड़ की लागत से नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली मंडल में 680 रूट किलोमीटर पर कवच (Kavach) वर्जन 4.0 प्रणाली लागू की जाएगी। इसमें रेवाड़ी–दिल्ली और शकूरबस्ती–बठिंडा रेलखंडों के साथ उनकी फीडर शाखा लाइनें भी शामिल हैं।
कवच भारत में विकसित स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (Automatic Train Protection) प्रणाली है। इसका उद्देश्य Signal Passed at Danger (SPAD) जैसी घटनाओं और ट्रेन टक्करों को रोकना है। यह प्रणाली हाई-डेंसिटी रेल मार्गों पर ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दूसरी परियोजना के तहत ₹175 करोड़ की लागत से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर डीजल शेड में 250 तीन-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग और रखरखाव सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे लोकोमोटिव के संचालन और रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भारतीय रेलवे लगातार पूरे देश में कवच तकनीक का विस्तार कर रहा है। मार्च 2026 तक 3,103 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क पर यह प्रणाली लागू की जा चुकी थी, जबकि जून 2026 में अंबाला और अहमदाबाद मंडलों में भी इसके विस्तार की घोषणा की गई थी।