लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इस दौरान बच्चों में संक्रमण, पेट संबंधी बीमारियों और मौसमी फ्लू का खतरा भी बढ़ जाता है। तापमान में बदलाव, अधिक नमी और बैक्टीरिया व वायरस के बढ़ने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ सकता है।
ऐसे समय में बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित और पौष्टिक मानसून डाइट बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत करने, शारीरिक विकास को बढ़ावा देने और मौसमी संक्रमणों से बचाव में मदद कर सकती है।
बच्चों के आहार में विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, प्रोबायोटिक्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। ये पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बेहतर बनाते हैं।
मानसून में बच्चों के लिए नमूना मील प्लान:
सुबह:
- गुनगुना पानी
- पौष्टिक नाश्ता जैसे दलिया, पोहा, उपमा या पराठा के साथ दही
मध्य सुबह:
- मौसमी फल जैसे सेब, केला या अनार
- सूखे मेवे (उम्र के अनुसार)
दोपहर का भोजन:
- दाल, हरी सब्जियां, रोटी या चावल
- सलाद और दही
शाम का नाश्ता:
- घर का बना हेल्दी स्नैक
- सूप या हल्का पौष्टिक भोजन
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रात का भोजन:
- हल्का और संतुलित भोजन जिसमें प्रोटीन और सब्जियां शामिल हों
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माता-पिता को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को साफ पानी पिलाएं, ताजा बना भोजन दें और बाहर के अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचाएं। सही पोषण और स्वच्छ आदतों के साथ बच्चे मानसून के दौरान स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं।