लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके कार्यालय के अनुसार, अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हुई। शुरुआती मेडिकल जांच में महाधमनी (एओर्टा) फटने को मौत का कारण बताया गया।
ग्राहम के निधन के बाद ईरान के सरकारी और रूढ़िवादी मीडिया ने उनकी मौत पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। कई मीडिया संस्थानों ने उन्हें ईरान का कट्टर विरोधी और इसराइल का मजबूत समर्थक बताते हुए उनकी मौत को ईरान के लिए "प्रतीकात्मक जीत" करार दिया। कुछ रिपोर्टों में उनके खिलाफ तीखी टिप्पणियां भी प्रकाशित की गईं।
लिंडसे ग्राहम लंबे समय से ईरान के खिलाफ कड़े रुख और इसराइल के समर्थन के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई बार ईरान पर सख्त प्रतिबंधों, सैन्य कार्रवाई और सत्ता परिवर्तन की वकालत की थी। हाल के महीनों में भी उन्होंने ईरान के खिलाफ कड़ी चेतावनी वाले बयान दिए थे।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्राहम को "सच्चा अमेरिकी देशभक्त" बताते हुए श्रद्धांजलि दी। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उन्हें इसराइल का "सबसे बड़ा मित्र" बताया और कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
ग्राहम 2002 से दक्षिण कैरोलिना से अमेरिकी सीनेटर थे। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। हालांकि राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में वे ट्रंप के आलोचक रहे, लेकिन बाद में दोनों के बीच करीबी संबंध बन गए और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने ट्रंप का खुलकर समर्थन किया।