लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
मध्य पूर्व में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका ने ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके कुछ ही समय बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क़तर, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। अमेरिकी सेना ने भी अपने सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
क़तर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने लंबे समय से पश्चिम एशिया में अमेरिका की रणनीतिक मौजूदगी का अहम हिस्सा रहे हैं। इन ठिकानों का इस्तेमाल क्षेत्रीय सुरक्षा अभियानों और सैन्य समन्वय के लिए किया जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।