लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
भारतीय वायु सेना (IAF) ने वैश्विक रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। World Directory of Modern Military Aircraft (WDMMA) 2026 Global Air Powers Rankings में भारत को देशवार सैन्य वायु शक्ति के आधार पर तीसरा स्थान मिला है। इस सूची में भारत से आगे केवल अमेरिका और रूस हैं।
हालांकि, जब अलग-अलग सैन्य सेवा शाखाओं (Service Branches) का मूल्यांकन किया गया, तब भारतीय वायु सेना को छठा स्थान दिया गया। WDMMA अपनी TruVal Rating (TVR) प्रणाली के आधार पर रैंकिंग तैयार करता है, जिसमें वायु सेना की कुल ताकत, आक्रमण एवं रक्षा क्षमता, लॉजिस्टिक सपोर्ट, आधुनिकीकरण और विमानों की गुणवत्ता व संख्या का आकलन किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायु सेना के बेड़े में कुल 1,716 विमान शामिल हैं। इनमें 542 लड़ाकू विमान, 498 हेलीकॉप्टर, 282 परिवहन विमान और 374 प्रशिक्षण विमान शामिल हैं। यह संतुलित संरचना किसी भी आधुनिक वायु सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत बनाती है।
वर्तमान में भारतीय वायु सेना के पास 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन की है। इस कमी को पूरा करने के लिए वायु सेना 180 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे भविष्य में भारत की हवाई शक्ति और मजबूत होने की उम्मीद है।