लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
एक नए अध्ययन में बताया गया है कि मेटाबोलिक डिस्फंक्शन से जुड़े फैटी लिवर रोग (MASLD) और एडवांस्ड फाइब्रोसिस वाले मरीजों में हृदय-मेटाबोलिक संकेत हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (HCC) के जोखिम को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, सभी मरीजों में लिवर कैंसर का जोखिम समान नहीं होता। कुछ मरीजों में बीमारी तेजी से बढ़ सकती है, जबकि अन्य में जोखिम अपेक्षाकृत कम रह सकता है।
अध्ययन में मेटाबोलिक स्वास्थ्य, लिवर की स्थिति और अन्य जैविक संकेतों के आधार पर मरीजों के अलग-अलग जोखिम समूहों की पहचान करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जोखिम आकलन मॉडल भविष्य में मरीजों की निगरानी, समय पर जांच और व्यक्तिगत उपचार योजनाएं तैयार करने में मदद कर सकते हैं।