लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
यूरोप में इस साल पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भीषण हीटवेव के सिर्फ 10 दिनों में हजारों लोगों की मौत का अनुमान सामने आया है। एक अध्ययन में बताया गया कि अत्यधिक तापमान के कारण बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, जून के आखिर में यूरोप के कई देशों में तापमान ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। गर्मी की वजह से अस्पतालों पर दबाव बढ़ा और कई इलाकों में आपात सेवाओं की मांग भी बढ़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी भीषण गर्मी की घटनाएं ज्यादा लगातार और खतरनाक होती जा रही हैं। अध्ययन में गर्मी से होने वाली मौतों को सिर्फ लू लगने तक सीमित नहीं माना गया, बल्कि हार्ट अटैक, सांस संबंधी समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य परेशानियों से जुड़ी मौतों को भी शामिल किया गया है।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बढ़ते तापमान के बीच देशों को हीटवेव से निपटने के लिए बेहतर तैयारी, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और जलवायु बदलाव पर नियंत्रण के कदम उठाने होंगे।