लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
लेह/धर्मशाला।
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु परमपावन 14वें दलाई लामा का 91वां जन्मदिन सोमवार को भारत सहित दुनिया के कई देशों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लाखों अनुयायियों, बौद्ध भिक्षुओं और विभिन्न देशों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
मुख्य समारोह लद्दाख के लेह स्थित शेवात्सेल टीचिंग ग्राउंड में आयोजित किया गया। इसका आयोजन लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन, ऑल लद्दाख गोनपा एसोसिएशन और सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन ने संयुक्त रूप से किया। समारोह का दुनिया भर में लाइव वेबकास्ट भी किया गया, जिससे हजारों लोगों ने ऑनलाइन भाग लिया।
जन्मदिन समारोह की शुरुआत बौद्ध परंपरा के अनुसार विशेष प्रार्थनाओं और दीर्घायु (Long Life) प्रार्थना से हुई। इसके बाद भिक्षुओं ने धार्मिक अनुष्ठान किए, पारंपरिक तिब्बती वाद्ययंत्र बजाए गए और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों और युवाओं ने तिब्बती लोकनृत्य प्रस्तुत किए, जबकि विशाल केक काटकर दलाई लामा के दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई। श्रद्धालुओं में मिठाइयां और प्रसाद भी वितरित किया गया।
धर्मशाला, लेह, दिल्ली, मुंबई, नेपाल, भूटान, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में भी तिब्बती समुदाय ने प्रार्थना सभाएं, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक समारोह आयोजित किए। न्यूयॉर्क स्थित Tibet House US में मित्रों, विद्यार्थियों और समर्थकों ने दलाई लामा के करुणा, अहिंसा और विश्व शांति के संदेश को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
दलाई लामा को दुनिया भर से नेताओं, धार्मिक गुरुओं और विभिन्न संगठनों ने शुभकामनाएं भेजीं। उनके अनुयायियों ने उन्हें करुणा, अहिंसा और मानवता का वैश्विक प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन विश्व शांति और सद्भाव का संदेश देता है।