लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
चेन्नई के एक कुम्हार ने अपनी मेहनत और पारंपरिक हुनर के दम पर छोटी शुरुआत को सफल कारोबार में बदल दिया है। पत्नी के सहयोग से वह रोजाना दही रखने के लिए विशेष मिट्टी के मटके तैयार करते हैं, जिनकी मांग अब शहर के कई प्रतिष्ठित स्टार होटलों तक पहुंच चुकी है।
दंपति हर दिन बड़ी संख्या में हाथ से बने मटके तैयार करते हैं। गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के कारण होटल उद्योग में उनकी अच्छी पहचान बन गई है। उनके बनाए मटकों का उपयोग पारंपरिक अंदाज में दही परोसने के लिए किया जाता है, जिससे ग्राहकों को अलग अनुभव मिलता है।
बढ़ती मांग के बावजूद दंपति पारंपरिक कुम्हारी कला को ही अपनाए हुए हैं। उनका कहना है कि हाथ से बने मिट्टी के बर्तनों की गुणवत्ता और प्राकृतिक ठंडक उन्हें खास बनाती है, इसलिए होटल भी इन्हें पसंद करते हैं।
यह सफलता न केवल पारंपरिक कारीगरी की उपयोगिता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मेहनत, गुणवत्ता और परिवार के सहयोग से छोटा व्यवसाय भी बड़ी पहचान बना सकता है।