लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित चाबहार पोर्ट को अमेरिकी हमलों में नुकसान पहुंचने की खबरों के बाद भारत की रणनीतिक और व्यापारिक योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलों में चाबहार क्षेत्र के समुद्री ढांचे और आसपास की सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं, हालांकि नुकसान की पूरी तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके विकास में भारत ने निवेश किया है और यहां के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन में भारतीय कंपनी की भूमिका रही है। इस बंदरगाह के जरिए भारत पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान, ईरान और मध्य एशियाई देशों तक व्यापारिक पहुंच बनाता है। यही कारण है कि इसे भारत की प्रमुख रणनीतिक परियोजनाओं में गिना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चाबहार पोर्ट लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला, इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजनाओं पर असर पड़ सकता है। साथ ही, भारत की मध्य एशिया तक पहुंच भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
हालांकि भारत की ओर से इस घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मौजूदा हालात में नई दिल्ली स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और क्षेत्रीय तनाव के बीच अपने रणनीतिक तथा आर्थिक हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।