लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
हाल के वर्षों में "ब्रेन ईटिंग अमीबा" के नाम से चर्चित नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है। यह एक सूक्ष्म जीव है जो मुख्य रूप से गर्म मीठे पानी, जैसे झील, तालाब, नदी और ठीक से क्लोरीनयुक्त न किए गए स्विमिंग पूल में पाया जा सकता है।
यह अमीबा दूषित पानी के नाक के रास्ते शरीर में जाने पर संक्रमण फैलाता है। इसके बाद यह घ्राण तंत्रिका (ओल्फैक्टरी नर्व) के माध्यम से दिमाग तक पहुंच सकता है और प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) नामक दुर्लभ लेकिन बेहद गंभीर संक्रमण का कारण बनता है। यह संक्रमण तेजी से बढ़ता है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
संक्रमण के शुरुआती लक्षण
- तेज सिरदर्द
- बुखार
- मतली और उल्टी
- गर्दन में अकड़न
- रोशनी से परेशानी
- भ्रम, दौरे या बेहोशी जैसी गंभीर समस्याएं
कैसे करें बचाव
- गर्म मीठे पानी की झील, तालाब या नदी में तैरते समय पानी को नाक में जाने से बचाएं।
- तैराकी या डाइविंग के दौरान नोज क्लिप का इस्तेमाल करें।
- संदिग्ध या दूषित पानी में सिर के बल छलांग लगाने से बचें।
- नेति पॉट या नाक की सफाई के लिए हमेशा उबाला और ठंडा किया गया, स्टरल या डिस्टिल्ड पानी ही इस्तेमाल करें।
- स्विमिंग पूल की नियमित सफाई और उचित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करें।
विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण बेहद दुर्लभ है, लेकिन इसके गंभीर परिणामों को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। यदि दूषित पानी के संपर्क के बाद तेज सिरदर्द, बुखार या अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।