लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली: नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri), जिसे आम भाषा में 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' कहा जाता है, एक बेहद दुर्लभ लेकिन अत्यंत खतरनाक सूक्ष्मजीव है। यह दूषित गर्म मीठे पानी के नाक के जरिए शरीर में प्रवेश कर मस्तिष्क तक पहुंच सकता है और प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) नामक गंभीर संक्रमण का कारण बनता है।
हाल ही में कोस्टा रिका में छुट्टियां मनाने गए एक परिवार की दर्दनाक घटना ने इस संक्रमण को फिर चर्चा में ला दिया। रिपोर्ट के अनुसार, छुट्टियों के कुछ दिनों बाद उनका बेटा गंभीर रूप से बीमार हो गया और इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई। इस घटना ने इस दुर्लभ संक्रमण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को फिर सामने ला दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह अमीबा आमतौर पर गर्म मीठे पानी जैसे झील, तालाब, नदी, हॉट स्प्रिंग या ठीक से क्लोरीनयुक्त न किए गए स्विमिंग पूल में पाया जा सकता है। संक्रमित पानी के नाक के रास्ते अंदर जाने पर संक्रमण का खतरा होता है। केवल दूषित पानी पीने से यह संक्रमण नहीं फैलता।
बचाव के लिए क्या करें?
- गर्म मीठे पानी में तैरते समय नाक में पानी जाने से बचें।
- नोज़ क्लिप का उपयोग करें या सिर को पानी में डुबाने से बचें।
- केवल साफ़, सुरक्षित और ठीक से क्लोरीनयुक्त स्विमिंग पूल का ही उपयोग करें।
- नाक की सफाई (नेति) के लिए हमेशा उबला और ठंडा किया हुआ, स्टरल या डिस्टिल्ड पानी ही इस्तेमाल करें।
संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में तेज़ सिरदर्द, बुखार, मतली, उल्टी, गर्दन में अकड़न और भ्रम शामिल हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है।