लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
री-नीट परीक्षा में सामने आए कथित फर्जीवाड़े की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी के निर्देश पर 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व ईओयू के डीआईजी करेंगे। टीम में एक एसपी, पांच डीएसपी और पांच इंस्पेक्टर शामिल हैं।
जांच एजेंसी सबसे पहले संदिग्ध रोल नंबरों की सूची नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भेजेगी, ताकि मूल अभ्यर्थियों की पहचान और पते की पुष्टि की जा सके। इसके बाद संबंधित अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं तो जांच टीम उनके घर जाकर पूछताछ करेगी।
यह मामला बिहार के लखीसराय जिले से जुड़ा है, जहां 21 जून को तीन परीक्षा केंद्रों पर कथित फर्जीवाड़े के दौरान नौ सॉल्वर, एक मूल अभ्यर्थी, बायोमैट्रिक सिस्टम से जुड़े 18 कर्मियों और दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था।
अब इन सभी मामलों की जांच ईओयू के अधीन गठित एसआईटी करेगी। जांच एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार सॉल्वर्स को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और बायोमैट्रिक सिस्टम में कथित हेरफेर से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच होगी।