गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक (लू) से बचाव के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है और समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
एडवाइजरी के तहत नागरिकों से अपील की गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। इसके साथ ही अधिक मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने, सिर को टोपी, गमछा या छाता से ढकने और खाली पेट बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का अतिरिक्त ध्यान रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि वाहन में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, घबराहट, त्वचा का लाल व सूखा होना और बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाएं।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में सतर्कता बरतें और खुद के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करें। खासतौर पर मजदूर, किसान और खुले में काम करने वाले लोग तय समय में ही काम करें और बीच-बीच में आराम जरूर लें।