गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है और इसकी सबसे बड़ी खासियत है—21 इंटरचेंज और 2 मुख्य टोल प्लाजा, जो यात्रा को तेज और सुगम बनाएंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू तक जाता है। यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—कुल 12 जिलों से होकर गुजरता है।
इस एक्सप्रेसवे पर 2 मुख्य टोल प्लाजा प्रस्तावित हैं—एक मेरठ में और दूसरा प्रयागराज बायपास से पहले। इसके अलावा कई रैंप प्लाजा और डबल ट्रंपेट इंटरचेंज बनाए गए हैं, जिससे अलग-अलग शहरों से सीधी एंट्री और एग्जिट संभव होगी।
मुख्य एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स में मेरठ-हापुड़, हापुड़-गढ़मुक्तेश्वर, बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर, हसनपुर-अनूपशहर, अनूपशहर-मुरादाबाद, बबराला-चंदौसी, चंदौसी-बदायूं, बदायूं-बरेली, फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर, कन्नौज-हरदोई, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे कनेक्शन, कानपुर-लखनऊ, लालगंज-रायबरेली, रायबरेली-ऊंचाहार, माणिकपुर-बेला प्रतापगढ़ जैसे इंटरचेंज शामिल हैं।
इन इंटरचेंज की वजह से यात्रियों को शहरों के भीतर जाने की जरूरत कम होगी और सीधे एक्सप्रेसवे से लंबी दूरी का सफर आसान हो जाएगा। लॉजिस्टिक्स, माल परिवहन और औद्योगिक कनेक्टिविटी को भी इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे 6-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा है, जिससे मेरठ से प्रयागराज का सफर लगभग 6–8 घंटे में पूरा हो सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, 21 इंटरचेंज और हाईटेक टोल सिस्टम इस एक्सप्रेसवे को सिर्फ सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक गलियारे के रूप में स्थापित करेंगे।