लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों के संरक्षण और पुनर्स्थापन की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। अभयारण्य स्थित ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर से कुल 34 काले हिरणों को वैज्ञानिक पद्धति के तहत दो चरणों में उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।
वन विभाग के अनुसार, इस वर्ष 60 ब्लैकबक पुनर्स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूरी प्रक्रिया आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का पालन करते हुए की गई, जिससे बिना किसी बाधा के हिरणों को जंगल में सफलतापूर्वक मुक्त किया जा सका।
छोड़े गए हिरण अब रामपुर ग्रासलैंड में मौजूद अन्य काले हिरणों के समूह में शामिल हो गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस नए समूह से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और जैव विविधता में सकारात्मक बदलाव आएगा।
गौरतलब है कि काले हिरण एक समय छत्तीसगढ़ से लगभग विलुप्त हो चुके थे, लेकिन अब इस पुनर्स्थापन अभियान के जरिए वे फिर से अपने प्राकृतिक आवास में लौट रहे हैं।
यह संरक्षण अभियान प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे के मार्गदर्शन और मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सतोविशा समझदार के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर सहित वन विभाग की टीम लगातार इन हिरणों की निगरानी और संरक्षण में जुटी हुई है।