लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Baba Siddique हत्याकांड में आरोपी अमोल गायकवाड़ को बड़ा झटका लगा है। मुंबई की विशेष MCOCA अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ मौजूद सबूत प्रथम दृष्टया गंभीर भूमिका की ओर संकेत करते हैं।
विशेष MCOCA जज सत्यनारायण आर. नवंदर ने अपने आदेश में कहा कि अमोल गायकवाड़ पर हत्या के बाद शूटरों को छिपाने और उन्हें मदद पहुंचाने के आरोप रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से समर्थित दिखाई देते हैं। अदालत ने माना कि उसकी भूमिका कथित आपराधिक साजिश से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।
अदालत ने यह भी कहा कि गायकवाड़ की भूमिका को अन्य आरोपियों की तुलना में कम महत्वपूर्ण नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार वह कथित तौर पर उस संगठित अपराध सिंडिकेट की गतिविधियों से जुड़ा था, जिस पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी थी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसका कथित कबूलनामा दबाव में लिया गया था। हालांकि अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कई ऐसे सबूत पेश किए, जिनसे साजिश में उसकी कथित भूमिका सामने आती है। अदालत ने अभियोजन की दलीलों को महत्व देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में अब तक 27 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि अमोल गायकवाड़ कथित तौर पर फरार आरोपियों और अपराध नेटवर्क के संपर्क में था तथा उसने शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई थी।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में Baba Siddique की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच के दौरान संगठित अपराध और गैंग कनेक्शन के आरोपों के चलते MCOCA की धाराएं भी लगाई गई थीं।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क तथा कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।