लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपने निर्धारित कार्य के अलावा अन्य विभागों के काम में लगाए जाने पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य समय छह घंटे निर्धारित है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अन्य विभागों के कामों में भी लगाया जा रहा है। इससे उनके मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि शासन द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि आईसीडीएस विभाग के अलावा उनसे अन्य कार्य नहीं लिए जाएंगे। इसके बावजूद उन्हें बीएलओ ड्यूटी, सर्वे कार्य और अन्य जिम्मेदारियों में लगातार लगाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वजह से बच्चों के पोषण, देखभाल और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे योजनाओं का लाभ सही तरीके से हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
हाल ही में Raipur में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था, जहां प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अतिरिक्त कार्य से मुक्ति की मांग की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें केवल उनके विभागीय कार्यों तक सीमित रखा जाए, ताकि वे पूरी जिम्मेदारी और गुणवत्ता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।