आकांशा खटाना
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली, 16 मार्च। हरियाणा सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन चलाने की स्वीकृति नहीं दी है। हरियाणा सरकार ने साेमवार काे यह जानकारी उच्चतम न्यायालय को दी है।
सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने हरियाणा सरकार की ओर से कहा कि उन्हाेंने उदारता दिखाते हुए प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ केस बंद कर दिया है। इसके पहले 6 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा सरकार को प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन चलाने को लेकर तीन महीने में फैसला करने का निर्देश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने प्रोफेसर महमूदाबाद को भी जिम्मेदार बनने की सलाह दी थी। कोर्ट ने 25 अगस्त, 2025 को महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को निरस्त कर दिया था और दूसरी एफआईआर के मामले में दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से ट्रायल कोर्ट को रोक दिया था।
उच्चतम न्यायालय ने 21 मई, 2025 को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया था। 19 मई, 2025 को प्रोफेसर खान के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर पर देशभक्ति पूर्ण बयान दिया था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में 18 मई, 2025 को महमूदाबाद को दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। प्रोफेसर के खिलाफ हरियाणा में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।