गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आम आदमी पार्टी (AAP) में आई बड़ी बगावत अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके संकेत पिछले कई दिनों से दिख रहे थे। राघव चड्ढा की अगुवाई में 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में जाने से पहले पार्टी के भीतर तनाव लगातार बढ़ रहा था।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद Harbhajan Singh से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया। इसे पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी का बड़ा संकेत माना गया।
इसी बीच AAP संयोजक Arvind Kejriwal ने 24 अप्रैल को अशोक मित्तल के फिरोजशाह रोड स्थित सरकारी आवास को छोड़कर लोधी एस्टेट के टाइप-VII सरकारी बंगले में शिफ्ट कर लिया। यह आवास उन्हें राष्ट्रीय पार्टी के प्रमुख होने के नाते आवंटित किया गया।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि केजरीवाल के बंगला खाली करने के कुछ ही घंटों बाद राज्यसभा सांसद Ashok Mittal ने AAP छोड़कर BJP जॉइन कर ली। इसके बाद Raghav Chadha, Swati Maliwal, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी भी BJP में शामिल हो गए।
बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद असंतोष और बढ़ गया था। कई हफ्तों से अंदरूनी खींचतान चल रही थी, जिसने आखिरकार बड़े राजनीतिक पलायन का रूप ले लिया।
बगावत के बाद केजरीवाल ने BJP पर हमला बोलते हुए कहा कि “BJP ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ विश्वासघात किया है।” वहीं CM मान ने बागी नेताओं को ‘गद्दार’ बताया।
यह घटनाक्रम AAP के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, खासकर पंजाब की राजनीति और आने वाले चुनावों के लिहाज से।