लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
बांग्लादेश और चीन के बीच संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश चीन के साथ करीब डेढ़ दर्जन यानी 18 समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर की तैयारी कर रहा है। इन समझौतों में बुनियादी ढांचा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता में तीस्ता नदी परियोजना भी प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगी। यह परियोजना भारत, बांग्लादेश और क्षेत्रीय जल प्रबंधन से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा मानी जाती है। बांग्लादेश लंबे समय से तीस्ता नदी के जल बंटवारे और विकास परियोजनाओं को लेकर समाधान की उम्मीद करता रहा है।
चीन पहले भी बांग्लादेश में कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर चुका है। ऐसे में प्रस्तावित समझौतों को दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तीस्ता परियोजना पर चीन की संभावित भागीदारी और इस विषय पर होने वाली चर्चा पर भारत की भी नजर रहेगी, क्योंकि यह मामला क्षेत्रीय कूटनीति और जल संसाधन प्रबंधन से जुड़ा हुआ है।
हालांकि, समझौतों के अंतिम स्वरूप और तीस्ता परियोजना पर होने वाली चर्चा के विस्तृत परिणाम आधिकारिक बैठकों के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।