लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। युद्धविराम खत्म होने की आशंका और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बुधवार को दलाल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स करीब 1,677 अंक गिरकर 76,503 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 500 अंक से ज्यादा टूटकर 23,900 के नीचे पहुंच गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹8 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख रहा। तेल की कीमतों में उछाल से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की चिंता निवेशकों को परेशान कर रही है।
बैंकिंग, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और अन्य प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली और बाजार में बढ़ी अनिश्चितता ने गिरावट को और तेज कर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बनी हुई है।