लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Asaram को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है और तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया है।
मामला जोधपुर से जुड़े उस चर्चित केस का है, जिसमें आसाराम पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। ट्रायल कोर्ट ने पहले उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सजा में राहत की मांग की, लेकिन अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही माना। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध सबूत और गवाहियों के आधार पर सजा में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
हालांकि कुछ आरोपों में उन्हें राहत मिलने की भी खबर है, लेकिन मुख्य मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषसिद्धि को चुनौती देने के पर्याप्त आधार नहीं मिले।
फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। आसाराम के समर्थकों और विरोधियों दोनों की नजर इस फैसले पर बनी हुई थी।
यह मामला देशभर में लंबे समय तक चर्चा में रहा और महिलाओं की सुरक्षा तथा धार्मिक प्रभाव वाले मामलों में कानून की भूमिका को लेकर बड़ी बहस छिड़ी थी।