लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। ब्रेंट क्रूड बुधवार को इंट्राडे ट्रेड में 75.44 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे कम स्तर माना जा रहा है। इससे पहले यह 3 मार्च 2026 को 75.75 डॉलर प्रति बैरल पर था।
अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी दबाव में रहा और लगभग 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। वैश्विक मांग और आपूर्ति में संतुलन, साथ ही भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी को कीमतों में इस गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में यह गिरावट उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के मुनाफे पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
आने वाले दिनों में ओपेक देशों के उत्पादन फैसले और वैश्विक मांग के रुझान तेल की कीमतों की दिशा तय करेंगे।